न फंड बचा है, न दुकान और न माल। अग्निकांड में सबकुछ जलकर खाक हो गया। हम 14 साल में यहां तक पहुंचे थे। अब सड़क पर आ गए हैं। जब से घर पर पता चला है- पत्नी-बच्चे 4 दिन से खाना भी नहीं खा रहे। निवाला गले से नहीं उतर रहा। जाएं तो कहां…
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न फंड बचा है, न दुकान और न माल। अग्निकांड में सबकुछ जलकर खाक हो गया। हम 14 साल में यहां तक पहुंचे थे। अब सड़क पर आ गए हैं। जब से घर पर पता चला है- पत्नी-बच्चे 4 दिन से खाना भी नहीं खा रहे। निवाला गले से नहीं उतर रहा। जाएं तो कहां…
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