उड़िसा हाईकोर्ट ने 6 महीने की गर्भवती 13 साल की रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी है। वह सिकल सेल एनीमिया और मिर्गी से पीड़ित है। कोर्ट ने माना कि प्रेग्नेंसी से बच्ची के जीवन और सेहत को गंभीर खतरा है। बीमारियों की वजह से बच्चे को जन्म देना उसके लिए बहुत खतरनाक हो सकता था। ओडिशा के कंधमाल की रहने वाली पीड़ित अनुसूचित जाति (SC) से है। पिछले साल एक लड़के ने उसके साथ बार-बार रेप किया। धमकियों के कारण उसने किसी को कुछ नहीं बताया। जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी…
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