अहमदाबाद में 12 जून को हुए एयर इंडिया प्लेन क्रेश के छह महीने बाद भी कई सवालों का जवाब नहीं मिला है। हादसे में मारे गए 130 से ज्यादा परिवारों के वकील और अमेरिका के एविएशन अटॉर्नी माइक एंड्रूज ने भारत सरकार से प्लेन का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) का डेटा सार्वजनिक करने की मांग दोहराई है। एंड्रूज का कहना है कि डेटा जारी होने से जांच में पारदर्शिता आएगी और प्रभावित परिवार यह तय कर सकेंगे कि कानूनी तौर पर अगला कदम क्या होना चाहिए। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद लंदन-गैटविक जा रहा बोइंग 787-8 मेडिकल हॉस्टल कॉम्प्लेक्स पर गिरकर आग की चपेट में आ गया था। दुर्घटना में 242 में से 241 यात्री और चालक दल के सदस्य व जमीन पर 19 लोग मारे गए थे। केवल विश्वास कुमार रमेश जीवित बचे थे। इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की तरफ इशारा
माइक एंड्रूज ने इकलौते जीवित यात्री विश्वास कुमार रमेश के इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा कि क्रैश से ठीक पहले विमान के अंदर की लाइटें झपकी थीं और हरी हो गई थीं…
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अहमदाबाद प्लेन क्रेश, अमेरिकी वकील ने FDR डेटा मांगा:कहा
