बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई में सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है। लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने से पहले प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि और जनता की असुविधा पर विचार किया जाना भी जरूरी है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो’ आंदोलन किया था। प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस ने आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी मामले को लेकर एडवोकेट सावर देवरे ने मुंबई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। इसी याचिका की सुनवाई पर अदालत ने यह टिप्पणी की। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को भी जवाब देने का निर्देश दिया चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को उन याचिकाओं पर जवाब देने का भी निर्देश दिया…
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बॉम्बे HC बोला
