उत्तराखंड के नैनीताल से 8 किमी दूर स्थित खूपी गांव। पहाड़ी की तलहटी पर चीड़ के सुंदर पेड़ों से घिरे इस गांव के सीढ़ीदार खेत और सुंदर नजारे पर्यटकों को दूर सड़क से ही आकर्षित करता हैं, लेकिन जब गांव के नजदीक आने पर यहां का दर्द सामने आ जाता है। यह पूरा गांव भी जोशीमठ की तरह भू-धंसाव की जद में आ चुका है। गांव के प्रदीप त्यागी बताते हैं कि गांव में 2012 के बाद से भू-धंसाव होने लगा था। यहां करीब 3 किमी के हिस्से में पहाड़ धंस रहे हैं। कई लोगों के घरों को नुकसान पहुंचा है। खूपी गांव के पास से गुजरने वाला बरसाती नाला हर साल गांव की ओर का हिस्सा काट रहा है। छह घर तो पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। गांव के रहने वाले बच्ची राम का घर की पूरी छत गिरने को थी…
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