महाकुंभ में 44 दिन में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आए। ऐसे में कई शहरों से बड़ा बाजार यहां सजा। इस बाजार में दिल्ली-कानपुर का नकली माल भी बड़े पैमाने पर खपाया गया। यहां तक कि पानी की बोतलें भी बिना कंपनी का लेबल लगाए उतार दी गईं। करोड़ों लोगों की सबसे अहम जरूरत पानी को भी ब्लैक में बेचा गया। महाकुंभ शुरू होने से पहले प्रयागराज और श्रावस्ती में नकली नोटों के गिरोह पकड़े गए थे। इन नकली नोटों को महाकुंभ में खपाने की तैयारी थी। कोलकाता से नकली रुद्राक्ष लाए गए…
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