दीपावली नजदीक आते ही उत्तराखंड के जंगलों में उल्लुओं की जान फिर खतरे में पड़ गई है। मां लक्ष्मी के वाहन माने जाने वाले इन पक्षियों को लेकर अंधविश्वास और तांत्रिक मान्यताओं के कारण तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। माना जाता है कि दीपावली पर तंत्र साधना या सिद्धि पाने के लिए उल्लू की बलि देने से धन प्राप्त होता है। इसी अंधविश्वास के चलते हर साल दीपावली से पहले उल्लुओं के शिकार और अवैध व्यापार की घटनाएं बढ़ जाती हैं। तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी समेत राज्यभर में वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। विभाग ने जंगलों में गश्त तेज कर दी है और सभी फील्ड स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। डीएफओ प्रकाश चंद्र ने बताया कि दीपावली पर प्रतिबंधित वन्यजीवों की तस्करी की आशंका अधिक होती है…
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दिवाली से पहले बढ़ी उल्लू की तस्करी, करोड़ों में कीमत:उत्तराखंड में दी जाती है बलि, ज्योतिषी बोले-
