दाहिना हाथ कंधे पर रखा। बाएं हाथ से सीना ठोकने लगा। बोला- बहुत अच्छा..तुम पढ़े लिखे हो, इसलिए मुझे विश्वास था ऐसा ही करोगे। चलो हमारे साथ..। 10 कदम ऐसे ही आगे बढ़ा, अचानक अपनी कमर से तेज धक्का मारकर गिरा दिया। जमीन पर गिरते ही 30 सेकेंड में 3 गोलियां मार दीं। पहली गोली लगते ही भरत बोला- धोखा देकर गोली मार दी..। इसके बाद पुलिस की गाड़ियां भरत को लेकर चली गईं। फिर हमारा भरत लौटकर नहीं आया..। पुलिस वालों ने उसका मर्डर कर दिया..।” यह खुलासा भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में हुआ है। हमारी पड़ताल के दौरान भरत के करीबी दोस्त राजू ने एनकाउंटर की पूरी कहानी बताई। हमारी टीम भरत के दोस्त राजू और भाई पप्पू को मुठभेड़ वाली जगह पर लेकर पहुंची। हमने दोनों के साथ उस दिन हुए एनकाउंटर का पूरा सीन रिएक्रिएट किया। 17 जून को सुबह 9.32 बजे जब पुलिस ने भरत को गोली मारी थी तो ये दोनों वहां से 20 मीटर दूर खड़े थे। एनकाउंटर वाले दिन क्या-क्या हुआ…
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