शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को कन्नौज में चौराहे पर रात बितानी पड़ी। शंकराचार्य ने कहा, “प्रशासन हमें परेशान कर रहा है। जिस स्कूल में हमें रात में रुकना था। परमिशन न होने का हवाला देते हुए प्रशासन ने वहां ठहरने से मना कर दिया गया, इसलिए हमने सरकारी जमीन पर रुकने का फैसला किया। यहीं पर रात बिताएंगे। हम गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए निकले हैं। 150 विधानसभाओं में हम होकर आ चुके हैं। हम अपनी यात्रा पूरी करके रहेंगे।” शंकराचार्य बुधवार शाम 7 बजे कन्नौज पहुंचे। फिर वह शिष्यों के साथ चौराहे पर ही बैठ गए। वहीं…
Read More