सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वैध और अधिकृत तरीके से भारत आया विदेशी नागरिक भी UAPA के मामले में जमानत का हकदार हो सकता है। कोर्ट ने मद्रास हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने केंद्र की अपील खारिज करते हुए कहा कि NIA यह साबित नहीं कर पाई कि आरोपी भारत में अवैध तरीके से दाखिल हुआ था। बेंच ने कहा कि विदेशी नागरिक को UAPA की धारा 43D(7) के तहत जमानत देने की शर्तें सख्त हैं। FIR में भी कहा गया है कि रिफास वैध वीजा के जरिए भारत आया था। क्या है श्रीलंकाई नागरिक का मामला आरोपी मोहम्मद रिफास उर्फ मोहम्मद रिगबास श्रीलंकाई नागरिक है। NIA के मुताबिक वह 2009 में वैध वीजा पर भारत आया था और वीजा खत्म होने के बाद भी यहीं रुक गया। उस पर धार्मिक समुदायों में तनाव फैलाने…
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