सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत की सरपंच को पद से हटाने के केस को गंभीर मामला बताया है। जस्टिस सूर्यकांत और उज्जल भुइयां की बेंच ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधि को हटाने को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, खासकर तब, जब यह ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं से जुड़ा हो। बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए 27 सितंबर को कोर्ट ने कार्यकाल पूरा होने तक सरपंच की बहाली के आदेश दिए। बेंच ने कहा- यह क्लासिक केस है। गांव वाले इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि एक महिला सरपंच चुनी गई है और उन्हें उसके निर्देशों को मानना होगा। दरअसल…
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