आषाढ़ कृष्ण पक्ष की पंचमी (रविवार) को ओडिशा के पुरी स्थित बड़ा ओड़िया मठ में एक गुप्त जगह से जमीन के नीचे गाड़ा गया मिट्टी का घड़ा निकाला गया। इसमें 365 दिन से रखा विशेष औषधीय तेल ‘फुलुरी तेल’ था। परंपरा के मुताबिक दैतापति सेवक (विशेष) इसे भक्ति यात्रा के साथ श्रीमंदिर लेकर पहुंचे और भगवान जगन्नाथ के श्रीअंग में श्रद्धा से इसकी मालिश की गई। माना जाता है कि इससे महाप्रभु के शरीर का दर्द कम होगा और बुखार धीरे-धीरे उतरेगा…
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