सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एसिड अटैक मामलों में दोषियों के कड़ी सजा की जरूरत पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा- जब तक सजा आरोपी के लिए दर्दनाक नहीं होगी, ऐसे अपराध रुकने वाले नहीं हैं। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस आर. महादेवन, जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा- यहां सुधारवादी दंड सिद्धांत की कोई जगह नहीं है। ऐसे मामलों में दहेज हत्या की तरह आरोपी को ही अपनी बेगुनाही साबित करनी पड़ सकती है। बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार कानून बदलने पर विचार करे। 4 हफ्ते में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एसिड अटैक मामलों से जुड़े आंकड़े दें। इनमें साल दर साल दर्ज मामलों की संख्या…
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