तवायफों को एक समय संगीत और नृत्य का उस्ताद माना जाता था, और उनके कोठे युवा राजकुमारों और रईसों के लिए अदब और तहजीब सीखने के केंद्र थे. लेकिन मुगलों के साथ बंगाल, पंजाब और अवध की रियासतों के पतन के साथ ही कोठों की रौनक भी समाप्त होने लगी…
Read More
अंग्रेजों ने खामोश कर दी घुंघरुओं की झनकार… तहजीब सिखाने वाली तवायफों को सेक्स वर्कर में बदल दिया
