अपने संबोधन में एस जयशंकर ने कहा, “हम जटिल और अनिश्चित समय में जी रहे हैं, और हमारी सामूहिक इच्छा एक निष्पक्ष और प्रतिनिधि वैश्विक व्यवस्था देखने की है, न कि कुछ लोगों के प्रभुत्व वाली व्यवस्था. इस कोशिश को अक्सर ‘पॉलिटिकल या इकोनॉमिक रीबैलेंसिंग’ के रूप में प्रजेंट किया जाता है…
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