तमिलनाडु में गुरुवार (1 अगस्त) को नेशनल इन्वेस्टीगेशन (NIA) ने PMK नेता रामलिंगम की हत्या की जांच के सिलसिले में तमिलनाडु में 15 और कराइकल में एक ठिकाने पर छापेमारी की। रामलिंगम ने प्रतिबंधित संगठन PFI की धर्मांतरण गतिविधियों का विरोध किया था। जिसके चलते तंजावुर में 2019 में उनकी हत्या कर दी गई थी। पिछले साल जुलाई में भी NIA ने तमिलनाडु में पांच फरार घोषित अपराधियों और संदिग्धों के ठिकानों समेत 21 स्थानों पर छापेमारी की थी। 5 अपराधियों पर 5 लाख का इनाम
अगस्त 2019 में NIA की विशेष अदालत में पांच फरार आरोपियों सहित 18 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था। अदालत ने इन 5 आरोपियों को दोषी ठहराया था। एजेंसी ने फरार अपराधियों की सूचना देने पर 5 लाख रुपए की घोषणा की थी। इससे पहले NIA ने बताया था कि आरोपियों ने रामलिंगम की बेहद हिंसक जिहादी तरीके से हत्या करके उससे बदला लिया था। 2019 में रामलिंगम की हत्या हुई थी
5 फरवरी 2019 को रामलिंगम की हत्या कर दी गई थी। 6 फरवरी को तमिलनाडु के तंजावुर जिले के थिरुविदाईमारुथुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज मामले की जांच शुरू की गई। NIA ने 7 मार्च 2019 को जांच अपने हाथों में ले ली। एजेंसी ने बताया कि रामलिंगम की हत्या का मकसद धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना और बदला लेना था। क्योंकि वे लगातार जबरन धर्मांतरण का विरोध कर रहे थे। इसी वजह से रामलिंगम की हत्या कर दी गई थी। मामले में 2 अगस्त 2021 को एनआईए ने मामले में फरार चल रहे PFI के मेंबर रहमान शादिक को गिरफ्तार गया था। PFI पर 5 साल का बैन…
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