बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर को लेकर 15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकृति दी थी। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने अपने आदेश में कहा था कि कॉरिडोर के लिए जमीन ली जाए, वह मंदिर के कोष से ली जा सकती है। लेकिन, वह जमीन बांके बिहारी जी के नाम से ली जाएगी। इस फैसले के विरोध में मंदिर के पुजारी ने मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल की। इस पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने बहस की। फिर कोर्ट ने 29 मई की डेट दी है। सेवायत देवेंद्र गोस्वामी की तरफ से दाखिल पुनर्विचार याचिका पर कोर्ट संख्या-5 में सुनवाई हुई। याची का कहना है कि उनको सुने बिना कोर्ट ने एकतरफा आदेश दे दिया था। जबकि इस मामले में उनका भी पक्ष सुना जाना था। एक दिन पहले बांके बिहारी मंदिर का यूपी सरकार ने ट्रस्ट बनाया
बांके बिहारी मंदिर के लिए यूपी सरकार ने ट्रस्ट बना दिया है। प्रमुख सचिव अतुल श्रीवास्तव ने यह आदेश जारी किया। इस ट्रस्ट के काम भी तय किए गए हैं। अब ट्रस्ट के पदाधिकारी ही तय करेंगे कि पूजा व्यवस्था कैसी होगी…
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बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर SC में सुनवाई:आदेश पर दोबारा विचार करने के लिए मंदिर के सेवायत की मांग
