ओडिशा की सियासी लड़ाई इस बार रोचक है। करीब ढाई दशक से यहां बीजेडी की सरकार है और नवीन पटनायक मुख्यमंत्री। हालांकि इस बार ओडिशा के चुनाव में जिस ‘शख्सियत’ की सबसे ज्यादा चर्चा है, वे हैं वी. कार्तिकेयन पांडियन। कुछ महीनों पहले आईएएस की नाैकरी से वीआरएस लेकर बीजेडी में शामिल हुए पांडियन पार्टी में पटनायक के बाद नंबर-2 हैं। इस चुनाव में पांडियन ने बीजेडी की ओर से प्रचार की कमान संभाल रखी है। यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस के सबसे ज्यादा निशाने पर भी वही हैं। शुक्रवार को भुवनेश्वर से झारसुगुड़ा जाते वक्त उन्होंने दैनिक भास्कर के प्रदीप पांडेय से बीजेडी (बीजू जनता दल) और भाजपा के रिश्तों से लेकर पार्टी की योजनाओं और चुनौतियाें पर खुलकर बात की। बतौर पॉलिटिशियन किसी हिंदी मीडिया से पांडियन का यह पहला इंटरव्यू है। पढ़िए इसके संपादित अंश… सवाल – आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए और आते ही कड़ी चुनौती मिल रही है…
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बीजेडी -भाजपा के बीच अंदरखाने कोई समझौता हुआ है?:पांडियन बोले
