होली पर बेटा सत्यनारायण का निधन हो गया था। उसकी तेरहवीं करने के लिए रुपए नहीं थे। इसलिए पोते समेत परिवार के 11 लोग काम करने गुजरात गए थे। वहां से काम करके लौटते तो बेटे की तेरहवीं करती, लेकिन उसके पहले ही पूरा परिवार खत्म हो गया। गुजरात से पता चला है कि हमारे घर के जो भी लोग काम करने गए थे। सभी शांत हो गए हैं। इसमें बेटा–बेटी…
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