राजनीति में जितना लम्पट कोई हो सकता है, उतना किसी और प्रोफ़ेशन में संभव तक नहीं है। राजनीति में न उम्र का कोई बंधन है और न ही नैतिकता के किसी आधार पर कोई रोक- टोक। कई महिलाओं का बलात्कार करने और उनका वीडियो बनाने के बाद एक युवा सांसद विदेश भाग जाता है और उसके दादा पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा चुप्पी साधे बैठे रहते हैं। न इस मामले में उन्होंने कोई नैतिकता दिखाई और न ही ज़िम्मेदार राजनीतिज्ञ होने का परिचय दिया। पोते प्रज्वल रेवन्ना के विदेश भाग जाने के लगभग एक महीने के बाद अब देवगौडा ने मुँह खोला है कि मैं प्रज्वल से कहना चाहता हूँ कि तुरंत देश लौटें और जाँच का सामना करें। अगर प्रज्वल ने मेरी बात नहीं मानी तो उसे पूरे परिवार के ग़ुस्से का सामना करना पड़ेगा। देवगौडा ने यह भी कहा कि हमारा परिवार जाँच के कार्य में किसी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करेगा। अगर देवगौडा साहब को क़ानून और जाँच और न्याय व्यवस्था पर इतना ही भरोसा है तो पोते को देश से भागने ही क्यों दिया…
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भास्कर ओपिनियन:पोते प्रज्वल के मामले में एक महीने की नींद के बाद जागे देवगौडा
