सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र और वायुसेना को निर्देश दिया कि वे उस महिला अधिकारी को नौकरी से न हटाएं, जिसे स्थायी कमीशन देने से मना कर दिया गया था। इस फैसले को लेकर जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने 22 मई के आदेश का हवाला दिया। बेंच ने कहा- विंग कमांडर निकेता पांडे की याचिका पर केंद्र और वायुसेना को इसी तरह के निर्देश दिए गए थे और कहा कि विंग कमांडर कविता भाटी के मामले में भी यही निर्देश लागू होंगे। कोर्ट ने कहा कि विंग कमांडर कविता भाटी को सेवा से मुक्त नहीं किया जाना चाहिए और रेगुलर बेंच में होने वाली अगली सुनवाई तक सर्विस जारी रखने की परमिशन दी जानी चाहिए। शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी भाटी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से स्थायी कमीशन देने से मना किया गया था। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी। ऑपरेशन सिंदूर में शामिल अधिकारी का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 6 अगस्त को नियमित पीठ के समक्ष तय की…
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