कहते हैं उड़ानें पंख से नहीं हौसलों से तय की जाती हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण है यूपी की एक दिव्यांग लड़की रंजना। 32 साल से खुद व्हीलचेयर के सहारे जीने वाली रंजना हजारों महिलाओं का सहारा बनी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। रंजना बचपन से पढ़ने में काफी होनहार थी। पढ़-लिखकर अफसर बनना चाहती थी। जब 9 साल की हुई…
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