बेशक, महात्मा गांधी आजादी के बाद शिमला नहीं आ पाए। मगर आजादी से पहले पहाड़ों की रानी शिमला बापू की कर्म स्थली रही। शिमला में राष्ट्रपिता की अनेक स्मृतियां जुड़ी हैं। महात्मा गांधी 10 बार शिमला और एक बार सोलन की डगशाई जेल पहुंचे। इन यात्राओं के दौरान महात्मा गांधी ने पूरी 57 रातें शिमला और 1 रात डगशाई में बिताई। गुजरात के पोरबंदर में जन्मे महात्मा गांधी ब्रिटिश हुकुमत से मुलाकात करने बार-बार शिमला आएं। शिमला में ही गांधी की हत्या का ट्रायल चला और शिमला के मिंटो कोर्ट में नाथू राम गोडसे को फांसी की सजा सुनाई गई। यहां पढ़ें बापू की जयंती पर उनकी शिमला यात्राओं…
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शिमला महात्मा गांधी की कर्मभूमि रही:10 यात्राओं के दौरान 57 रातें गुजारीं, हत्या का मुकदमा यहीं चला,
