केंद्र सरकार बारिश के पानी की निकासी के लिए शहरों पर बीते 10 वर्षों में 25 हजार करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। इसके बावजूद हर बारिश के दौरान शहरों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं और पानी उतरने में घंटों लगते हैं। इससे शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंच रहा है। संसद के हाल में खत्म हुए बजट सत्र में जब शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सवाल उठा तो शहरी मामलों के मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि देशभर के सभी ड्रेनेज सिस्टम एक घंटे में 2 सेमी या करीब आधा इंच बारिश के हिसाब से बने हैं…
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सरकार ने माना
