सुप्रीम कोर्ट के नव-नियुक्त CJI बीआर गवई ने शनिवार को कहा कि जज जमीनी हकीकत को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। वे बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। इस दौरान CJI गवई ने सामाजिक वास्तविकताओं को समझने और उनका जवाब देने में जजों की भूमिका पर जोर दिया। CJI गवई ने कहा कि आज की न्यायपालिका मानवीय अनुभवों की जटिलताओं को नजरअंदाज करते हुए कानूनी मामलों को सख्त काले और सफेद शब्दों में देखने का जोखिम नहीं उठा सकती। सीजेआई ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायपालिका में लोगों से दूरी रखना असरदार नहीं है। उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों को लोगों से जुड़ने से बचना चाहिए। पिता ने कहा था- जज बने तो बाबा साहब के दृष्टिकोण को आगे बढ़ा सकोगे CJI गवई ने जज का पद मिलने की अपनी शुरुआती हिचकिचाहट के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने उनसे कहा था कि वकील के रूप में काम करना आर्थिक समृद्धि लाएगा…
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