सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की याचिका खारिज कर दी। आयोग ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 2022 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें हाईकोर्ट ने दो मुस्लिम विवाहित जोड़ों को सुरक्षा प्रदान की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आयोग इस मामले से अनजान है और उसे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने का अधिकार नहीं है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने सवाल किया कि तीसरा पक्ष यानी बाल अधिकार संरक्षण आयोग ऐसे मामले में हस्तक्षेप कैसे कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- मामला सुरक्षा से जुड़ा…
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