प्रयागराज माघ मेला प्रशासन के नोटिस के बाद उत्तराखंड में स्थित ज्योतिषपीठ (बद्रीकाश्रम) के शंकराचार्य पद का विवाद फिर चर्चा में आ गया है। प्रशासन ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सवाल किया है कि वे सार्वजनिक तौर पर अपने नाम के आगे “शंकराचार्य” क्यों लिख रहे हैं। असल में ज्योतिषपीठ का विवाद कोई नया नहीं है। जगतगुरु आदि शंकराचार्य ने चारों पीठों के लिए पहले से नियम तय कर दिए थे और इसके लिए उन्होंने ‘मठाम्नाय महानुशासनम्’ नाम का ग्रंथ भी लिखा था…
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165 साल तक बिना शंकराचार्य के रही बद्रीकाश्रम पीठ:चयन के लिए जगतगुरु की किताब से बने सख्त नियम, पदवी को लेकर आज भी विवाद जारी
