दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 सितंबर को एक बलात्कार मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अगर किसी बच्ची के साथ गलत हो, तो सिर्फ उसकी गवाही के आधार पर भी आरोप सिद्ध हो सकता है। कोर्ट ने यह आदेश 2017 के एक बलात्कार केस की सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने कहा आरोपी क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान बच्ची के विश्वास को डगमगा नहीं पाया। केस में दोषी ने कोर्ट में सजा कम करने की याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस मनोज कुमार ने 12 साल की सजा को बरकरार रखा है। पीड़ित को बलात्कार के बाद मारने की धमकी देता था दोषी एफआईआर के मुताबिक…
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