सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह देशभर में बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को देने पर विचार कर रहा है। अदालत ने कहा कि पूरा मामला सीबीआई को सौंपने से पहले वह राज्य सरकारों का पक्ष सुनेगी। अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर कहा कि वे अपने-अपने इलाकों में दर्ज डिजिटल अरेस्ट से जुड़ी एफआईआर की जानकारी 3 नवंबर तक दें। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस तरह के कई साइबर अपराध म्यांमार और थाईलैंड जैसे देशों से चल रहे हैं…
Read More
