प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (1 फरवरी को) पंजाब में जालंधर के दौरे पर हैं। यहां उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरू रविदास जी महाराज के नाम पर रखा। इसके बाद वह जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में नतमस्तक हुए हैं। यूं तो पीएम का यह दौरा धार्मिक है लेकिन इसे राजनीतिक लिहाज से भी देखा जा रहे हैं। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखना और डेरे में पहुंचने से इसे भाजपा के दलित वोटरों को टारगेट करने के नजरिए से देखा जा रहा है। रविदासिया समाज के सबसे बड़े डेरा सचखंड बल्लां की संगत दोआबा क्षेत्र में बड़ी संख्या में है। दोआबा की 23 विधानसभा सीटों पर दलित वोटरों का प्रभाव माना जाता है। इन सीटों पर अब तक कांग्रेस का दबदबा रहा है। कांग्रेस के दलित समाज से जुड़े वरिष्ठ नेता और केंद्र में मंत्री रहे बूटा सिंह पर प्रदेश कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग लेकर की गई टिप्पणी के बाद दलित वोटरों में नाराजगी देखी गई है। अब भाजपा की नजर इसी नाराज दलित वोट बैंक पर टिकी हुई है। प्रधानमंत्री के इस दौरे के जरिए पंजाब भाजपा खुद को तीसरे फ्रंट के तौर पर मजबूत करने की कोशिश में है। पार्टी हिंदू-दलित-जट्ट सिख वोटरों के समीकरण पर काम कर रही है। पंजाब में पार्टी की स्थिति को देखते हुए फिलहाल भाजपा का लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनाव में इतनी सीटें जीतना है कि बिना उसके विधायकों के सरकार बनाना संभव न हो। हालांकि…
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