दिल्ली के नेब सराय में 4 दिसंबर को हुए ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा हो गया है। परिवार के 20 साल के बेटे अर्जुन ने ही पिता राजेश कुमार (51), मां कोमल (46) और बहन कविता (23) के मर्डर की साजिश रची थी। हत्या के बाद वो रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर चला गया। वापस आने के बाद उसने शोर मचाया और पड़ोसियों को परिवार वालों की हत्या होने की बात बताई। जॉइंट सीपी एस के सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान अर्जुन ने अलग-अलग बयान दिए जिससे उस पर शक हुआ। इसके बाद अर्जुन ने पुलिस के सामने कबूला कि अपने परिवार वालों की हत्या की साजिश उसने ही रची थी। आरोपी अर्जुन के पिता के साथ विवाद चल रहे थे। उसे डर था कि आर्मी से रिटायर्ड पिता पूरी प्रॉपर्टी बेटी के नाम कर देंगे। पिता उसे पढ़ाई के लिए बार-बार टोकते और बॉक्सिंग करियर में सपोर्ट नहीं करते। इस गुस्से में ही उसने परिवार की हत्या कर दी। सालगिरह के दिन हत्या करने की साजिश
अर्जुन ने अपने परिवार वालों की हत्या की साजिश पहले से ही कर दी थी। उसने हत्या को अंजाम देने के लिए अपने मां-बाप की सालगिरह का दिन चुना। 4 दिसंबर को उसके माता-पिता अपनी 27वीं सालगिराह मना रहे थे। इन दिन अर्जुन ने सुबह पहले बहन को मारा। इस दौरान दोनों में हाथापाई भी हुई। कविता के शरीर पर चोट के निशान हैं। इसके बाद उसने सो रहे पिता को मारा। आखिर में उसने मां पर वार किया जो बाकी दो मर्डर के समय बाथरूम में थीं। आवाज न हो इसलिए गला काटा
अर्जुन ने अपने परिवार वालों की हत्या के लिए पिता का सर्विस नाइफ (चाकू) चुना। हत्या करते समय शोर न हो इसलिए उसने घरवालों के गले पर वार किया। खून का बहाव रोकने के लिए अर्जुन ने तीनों के गले पर कपड़ा भी लगाया। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में बाहरी व्यक्ति के सबूत नहीं मिले
हत्या को अंजाम देने के बाद अर्जुन रोज की तरह सुबह 05:30 बजे मॉर्निंग वॉक पर चला गया। यहां से वापस आने के बाद वह पहले घर गया। घर से निकलकर उसने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को मां-बाप और बहन की हत्या की जानकारी दी। पड़ोसियों ने पुलिस को फोन कर घटना के बारे में बताया। मामले की जांच कर रही पुलिस को सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर घर में कोई बाहरी व्यक्ति जाते नहीं दिखाई दिया। घर में किसी के जबरदस्ती घुसने…
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