छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 11 बच्चों की मौत के मामले में मध्यप्रदेश के सरकारी सिस्टम में हर कदम पर लापरवाही उजागर हुई है। 29 सितंबर को छिंदवाड़ा में जिस दवा को जहरीली मानकर बैन कर दिया गया था, उसके सैंपल की जांच रिपोर्ट 4 अक्टूबर की रात तक आ सकी। जबकि तमिलनाडु सरकार ने 24 घंटे के भीतर कफ सिरप की जांच कर ली और बता दिया कि इसमें 48% जहर है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद तमिलनाडु सरकार ने श्री सन फॉर्मास्युटिकल में होने वाले इसके प्रोडक्शन और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। ये सबकुछ 24 घंटे में हुआ। इधर…
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