उमर अब्दुल्ला की सरकार जम्मू-कश्मीर में 150 साल पुरानी दरबार मूव परंपरा को फिर से बहाल करने की तैयारी में है। जम्मू-कश्मीर मंत्रालय से जुड़े सूत्रों ने दैनिक भास्कर को बताया कि अब्दुल्ला सरकार की अगली कैबिनेट मीटिंग में दरबार मूव परंपरा की बहाली पर फैसला हो सकता है। इसके दोबारा शुरू करने के पीछे तर्क है कि इस परंपरा के बंद होने से जम्मू में कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जम्मू को दरबार मूव की जरूरत है। जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर और जम्मू के बीच राजधानी को ट्रांसफर स्थानांतरित करने से संबंधित 152 साल पुराने दरबार मूव को LG मनोज सिन्हा ने जून 2021 में समाप्त कर दिया गया था। दरबार मूव परंपरा को 1872 में जम्मू-कश्मीर के डोगरा राजवंश के महाराजा रणबीर सिंह ने शुरू किया था। गर्मी आने पर वे जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर शिफ्ट कर देते थे। और जब सर्दियां आती थीं तब जम्मू शिफ्ट कर देते थे। भयंकर सर्दी और भयंकर गर्मी से बचने के लिए ऐसा किया जाता था। राजधानी ट्रांसफर करने से श्रीनगर और जम्मू दोनों की जगहों के व्यापार में 6-6 महीने बहुत तेजी रहती थी। फारूक अब्दुल्ला को परंपरा बंद करने की कोशिश की…
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