उत्तराखंड में बेटे ही नहीं बेटियां भी आज के समय में बेटों की तरह माता-पिता के प्रति पूरा फर्ज निभा रही हैं। बेटों की ओर से की जाने वाली धार्मिक रस्मों को निभा रही हैं। समय के साथ समाज भी बेटियों के इन कदमों को स्वीकार करने के साथ ही उनका समर्थन करने लगा है। चीन-नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ की 7 बेटियों ने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर न केवल पिता की अर्थी को कंधा दिया…
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