गोवा सरकार ने 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की। इसे लेकर राज्य सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजपाल को उम्रकैद की सजा दी जानी चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने 6 अगस्त को तेजपाल को रेप केस में दोषी करार दिया था। कोर्ट ने उन्हें 10 साल की जेल की सजा सुनाई थी। इससे पहले मई 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप मामला नवंबर 2013 का है। तहलका की एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंक फेस्ट के दौरान 7 और 8 नवंबर की रात होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उनका दो बार यौन उत्पीड़न किया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला क्यों पलटा हाईकोर्ट ने माना कि ट्रायल कोर्ट ने सबूतों की बजाय घटना के बाद पीड़ित महिला के व्यवहार पर ज्यादा ध्यान दिया। साथ ही…
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