‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। यह मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। उनका भोलापन उनके लिए मुसीबत बन गया। उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की। लोगों की पहचान करने में उनसे चूक हुई।’ ‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कुछ कमियां रही हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी…
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‘चंपत राय बेदाग-निष्कलंक, उनका भोलापन मुसीबत बना’:सब पर विश्वास करके गलती की; महासचिव बनने के बाद गोविंद देव गिरि का पहला इंटरव्यू
