दिल्ली की एक कोर्ट ने सोमवार को छात्राओं के यौन शोषण का आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब पीड़ितों की संख्या ज्यादा हो तो अपराध की गंभीरता कई गुना बढ़ जाती है। जिला न्यायालय की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश दीप्ति देवेश ने सुनवाई के दौरान कहा कि इस समय जमानत देने के लिए कोई ठोस आधार नहीं बनता। उनकी जमानत याचिका पर अब 27 अक्टूबर को सुनवाई होगी। तब तक वे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। चैतन्यानंद के वकील ने दावा किया कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है। कुछ छात्राओं को डराया-धमकाया गया कि अगर वे शिकायत नहीं करेंगी तो उनकी स्कॉलरशिप कैंसिल कर दी जाएगी। दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद को 27 सितंबर को आगरा से गिरफ्तार किया था। उस पर वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट (श्रीसीम) में 17 स्टूडेंट्स से यौन शोषण का आरोप है। उसे 28 सितंबर को 5 दिन की रिमांड पर लिया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने 3 अक्टूबर को उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था। आरोपी के वकील की दलील को जज दीप्ति देवेश ने खारिज किया- छात्राओं को आशीर्वाद देने के बहाने छूता…
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चैतन्यानंद 27 अक्टूबर तक हिरासत में रहेगा, जमानत याचिका खारिज:कोर्ट बोला
