महाराष्ट्र के बदलापुर में नाबालिग स्कूली बच्चियों के साथ यौन शोषण मामले में आरोपी की मानसिक जांच होनी है। आरोपी की मा ने दावा किया था की बचपन से उसका दिमाग ठीक नहीं है। मानसिक रूप से कमजोर है। इसके लिए उसका इलाज भी चला था। NCPCR की गाइडलाइन लागू करने की हो रही मांग आये दिन सामने आ रही नाबालिग के साथ रेप और यौन शोषण के मामले को देखते हुए NGO ने स्कूल में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय और (NCPCR) नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स की बनाई 2021 की गाइडलाइन लागू करने की मांग तेज हो गई है। NGO बचपन बचाओ आंदोलन ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनाए रूल्स को पूरे देश में लागू कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 2019 में ही याचिका दाखिल कर रखा था। बचपन बचाओ आंदोलन NGO की तरफ से वकील एचएस फुल्का ने कहा कि केवल पांच राज्यों ने दिशा-निर्देशों को लागू किया है। बाकि राज्यों में ये अभी तक लागू नहीं हुआ है।जस्टिस बीवी नागरत्ना ने 24 सितंबर को इस मामले की सुनवाई का भरोसा दिया है। कोर्ट ने कहा- 4 साल की बच्चियों को नहीं बख्शा जा रहा…
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