हरियाणा के खेल विभाग की डिप्टी डायरेक्टर सुनीता खत्री अब ऐसी लड़कियों को खेलने का मौका दिला रही हैं, जो पिछड़े गांव-समाज से आती हैं। इसके पीछे वजह है कि उन्होंने खुद बहुत झेला है। वह जींद के जिस सफाखेड़ी गांव से हैं, वहां लड़कियों को खेलने की सोचना तो दूर घर से बाहर निकलने की भी इजाजत नहीं थी। सुनीता ने बताया कि पिता रोहतक के जाट कॉलेज में आते तो लड़कियों को खेलते देखते। फिर हमें बताते। मैंने खेलने की सोची तो नानी ने साफ मना कर दिया। उन्होंने बताया कि पिता की जिद के कारण खेलना शुरू किया…
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