राष्ट्रीय बाल आयोग (NCPCR) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें पूछा गया है कि क्या बाल विवाह की अनुमति देने वाला मुस्लिम पर्सनल लॉ देश के बाल विवाह निषेध कानून के ऊपर प्रभावी होगा। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की जाए क्योंकि अलग-अलग हाईकोर्ट्स इस मामले में अलग-अलग फैसले सुना रहे हैं। इस पर चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने कहा कि उन्हें इस मामले का निपटारा करना है…
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