माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर धार्मिक हलकों में नाराजगी तेज हो गई है। द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी प्रशासन को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि कौन शंकराचार्य है और कौन नहीं। शनिवार को नरसिंहपुर में मुक्तानंद संस्कृत पाठशाला के जीर्णोद्धार समारोह में पहुंचे शंकराचार्य सदानंद सरस्वती ने कहा कि शंकराचार्य परंपरा गुरु-शिष्य प्रणाली पर आधारित है…
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