कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप पर ‘रंग डारि दियौ हो अलबेलिन में’ नाम की किताब में विश्वम्भर नाथ साह ‘सखा’ लिखते हैं कुमाऊं में होली के दो प्रचलित स्वरूप हैं, एक ग्रामीण अंचल की होली, जिसे खड़ी होली कहते हैं. दूसरी नागर होली, जिसे शहरी क्षेत्रों में बैठ होली कहते हैं…
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