28 सितंबर की सुबह नर्मदा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। तभी गांव में बाढ़ का पानी भी बढ़ रहा था। गांव में अक्सर बाढ़ का पानी आ जाता था, इसलिए लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। शाम तक नर्मदा का दर्द असहनीय हो गया। सरकारी एंबुलेंस कभी आई नहीं…
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28 सितंबर की सुबह नर्मदा देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। तभी गांव में बाढ़ का पानी भी बढ़ रहा था। गांव में अक्सर बाढ़ का पानी आ जाता था, इसलिए लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया। शाम तक नर्मदा का दर्द असहनीय हो गया। सरकारी एंबुलेंस कभी आई नहीं…
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