मैं RSS (राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ) का एकलव्य बनकर रह गया। मन में एक टीस सदा रही कि मैंने प्रथम वर्ष क्यों नहीं किया, द्वितीय वर्ष क्यों नहीं किया, तृतीय वर्ष क्यों नहीं किया?’ उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 2 जुलाई 2024 को राज्यसभा में ये बयान दिया था। इसी बयान को राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अविश्वास प्रस्ताव का एक कारण बताया है। विपक्षी दलों ने 10 दिसंबर को राज्यसभा में उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया। भास्कर ने मामले में RSS के पूर्व प्रचारक और उनके साले हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रवीण बलवदा से बात कर धनखड़ का BJP-RSS से जुड़ाव समझने की कोशिश की। साथ ही ये भी जाना कि धनखड़ खुद को RSS का एकलव्य क्यों कहते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…
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