NEET-UG पेपर लीक के विरोध में 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस की कथित कार्रवाई की जांच की मांग कर रहे याचिकाकर्ताओं ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने कोर्ट की बनाई हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी (HPEC) को फिर से बनाने की मांग की। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय कमेटी सुप्रीम कोर्ट की ‘सीधी निगरानी’ में काम कर रही है। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि मामले का निपटारा नहीं हुआ है और यह अभी लंबित है। बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना भी शामिल थे। सॉलिसिटर जनरल ने अर्जी को शरारतपूर्ण बताया सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि कमेटी के बारे में एक अर्जी दाखिल की गई है। इसे अगले हफ्ते कभी भी सुनवाई के लिए लिस्ट किया जाए। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे बहुत शरारतपूर्ण अर्जी बताया और बेंच से गुजारिश की कि इसे मुख्य मामले के साथ ही लिस्ट किया जाए। मेहता ने बताया कि मांग यह है कि आपकी बनाई गई कमेटी का पुनर्गठन किया जाए। उन्होंने कुछ नाम भी सुझाए हैं कि इन जजों को कमेटी की अध्यक्षता करनी चाहिए। यह (कोर्ट) कोई राजनीतिक मंच नहीं है। इस पर बेंच ने कहा…
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NEET-UG छात्रों ने जांच कमेटी बदलने की मांग की:सुप्रीम कोर्ट ने कहा
