देश में जल्द ही औद्योगिक स्मार्ट शहरों की एक चेन तैयार की जाएगी। 10 राज्यों में 6 कॉरिडोर बनेंगे, इनमें 12 इंडस्ट्रियल एरिया होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार, 28 अगस्त को इसकी मंजूरी दी। 12 औद्योगिक स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत 10 लाख लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर और 30 लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रोजेक्ट की कुल लागत 28,602 करोड़ होगी। 1.52 लाख करोड़ की निवेश क्षमता होगा। ये औद्योगिक स्मार्ट सिटी नेशनल इंडस्ट्री डेवलपमेंट कॉरिडोर प्रोग्राम (NIDCP) के तहत बनाए जा सकते हैं। 9 राज्यों में बनेंगे 12 इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी रेलवे के 3 इंफ्रा प्रोजेक्ट को भी मंजूरी
– जमशेदपुर पुरूलिया आसनसोल (थर्ड लाइन- 121 किमी)
– सुंदरगढ जिले के सरडेगा से रायगढ जिल के भालूमुडा तक के लिए 37 किमी लंबी नई डबल लाइन
– बरगढ रोड से नवापारा (ओडिशा) तक के लिए 138 किमी लंबी नई लाइन मोदी ने 10 जून को की थी पहली कैबिनेट बैठक 9 जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पीएम ने अगले ही दिन 10 जून को मंत्रिपरिषद की पहली बैठक की थी। इसमें गरीबों के लिए तीन करोड़ नए घर बनाने को मंजूरी दी थी। इस स्कीम के तहत पिछले 10 साल में कुल 4.21 करोड़ घर पहले ही बनाए जा चुके हैं। योजना के तहत घर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से आर्थिक मदद दी जाती है। पीएम मोदी ने सम्मान निधि की फाइल पर भी साइन किए थे। केंद्र की किसान कल्याण योजना के तहत देश के 9.3 करोड़ किसानों को सालाना 6 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। इसे ही किसान सम्मान निधि कहा जाता है। मोदी ने सोमवार को इसकी 17वीं किश्त को मंजूरी दी थी। 3 लाख 60 हजार करोड़ में बनेंगे 3 करोड़ नए घर
9 अगस्त को केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 योजना को मंजूरी दी। योजना के तहत 3,60,000 करोड़ रुपए की लागत से तीन करोड़ घर बनाए जाने हैं। कनेक्टिविटी में सुधार करने के लिए आठ रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट में लिए फैसलों की जानकारी दी थी। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 योजना के अनुसार EWS/LIG/मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) सेगमेंट से संबंधित परिवार जिनके पास देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं है…
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