सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार(2 सितंबर) को जाति जनगणना करवाने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस एसवीएन भट्टी की बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जाति जनगणना एक नीतिगत मामला है। यह मुद्दा केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसलिए अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। याचिककर्ता ने कहा- जनगणना में देरी से डेटा में बड़ा अंतर पैदा हो गया
याचिकाकर्ता पी प्रसाद नायडू ने सुप्रीम कोर्ट से जाति जनगणना कराने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग की थी। नायडू ने याचिका में कहा था कि केंद्र और उसकी एजेंसियों ने आज तक जनगणना-2021 के लिए गणना नहीं की है। शुरुआत में कोविड-19 महामारी और फिर कई बार स्थगित किया जा चुका है। जनगणना में देरी के कारण डेटा में बड़ा अंतर पैदा हो गया है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील रविशंकर जंडियाला ने कहा कि कई देशों ने जातिगत जनगणना की…
Read More
